जलवायुपरवल की खेती साल में दो बार की जाती है। परवल की खेती के लिए गर्म जलवायु सबसे उपयुक्त है। इसे जून में तथा अगस्त में बोई जाती है। वहीं नदियों के किनारे अक्टूबर-नवंबर में परवल की रोपाई की जा सकती है। मिट्टीपरवल की खेती के लिए रेतीली अथवा दोमट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। […]
उद्यानिकी कृषक बनकर संपन्न हुआ ये किसान
रतलाम जिले में किसानों द्वारा हाईटेक एवं आधुनिक तरीकों से खेती करके सफलता के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और समृद्धि की नई ऊंचाइयां हासिल की जा रही है। जिले के ग्राम कुशलगढ़ के विनोद पाटीदार भी ऐसे ही हाईटेक किसान हैं जिन्होंने परंपरागत खेती से हटकर नए प्रयोग करते हुए सफलता की […]
जैविक खेती से बढ़ी आमदनी…दी देशी खाद बनाने की जानकारी….
हरीश चंद्र तिवारी ने बताया कि वे डॉक्टर सुभाष पालेकर की पद्धति जो जीरो बजट पर आधारित हैं , को अपना कर खेती करते है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ के लिए देशी खाद बनाने के लिए देशी गाय का 100 किलो गोबर, 10 लीटर गौ मूत्र, 2 किलो गुड़, 2 किलो बेसन, 500 ग्राम […]
जिमीकंद की खेती…
जिमीकंद की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद होती है। कम लागत में इसके ज्यादा फायदे मिलते हैं। जिमीकंद का उपयोग यूं तो सब्जी और आचार के लिए होता है, लेकिन आपको जानकार ये आश्चर्य होगा कि इसमें काफी मात्रा में औषधीय गुण भी होते हैं। इसलिए इसकी खेती की ओर किसान लगातार आकर्षित हो […]
कपड़ा बुनाई के क्षेत्र में मौजूद है अपार संभावनाएं…
कपड़ा बुनाई कला एक ऐसा कार्य क्षेत्र है, जिसमें स्वरोजगार की असीम सम्भावनाएं मौजूद है। यूं तो जिले के आस-पास के कई गांव में बुनकर व्यवसाय से कई परिवार जुड़े हुए हैं जिन्हें यह वृत्ति पैतृक विरासत में मिली है परन्तु इस व्यवसाय को जिला प्रशासन द्वारा एक व्यापक एवं व्यवस्थित तरीके से महिला समूहों […]
मील का पत्थर साबित हो रही है मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना किसानों के लिये मील का पत्थर साबित हो रहा है। किसानों के खाते में प्रतिवर्ष दो बार दो-दो हजार रूपये के मान से कुल 4 हजार रूपये सीधे पहुंच जाते हैं जो उनकी खेती किसानी के लिये जरूरत पडऩे पर मददगार होते हैं। रीवा जिले के सुमेधा निवासी किसान रावेन्द्र सिंह […]
डेयरी उद्योग से बदली जिंदगी
महिला स्वसहायता समूह के पैसे से शुरु हुए डेयरी उद्योग ने जिले के ग्राम सीतापुर की सुनीता को बड़े दुग्ध उत्पादकों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। उनके परिवार की अर्थव्यवस्था में आए सुधारों ने पशुपालक सुनीता के परिवार की जिंदगी बदल दी है।सुनीता के माता-पिता थोड़ी-बहुत खेती किसानी का कार्य किया करते थे, […]
मनरेगा ने दिलाया 3 हजार दिव्यांगजनों को रोजगार
जीवन में अगर हौसला हो और उस पर कुछ करने का मौका मिले तो शारीरिक कमजोरी भी कभी आड़े नहीं आती। हौसलों की उड़ान इतनी मजबूत होती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढऩे की राह मिल ही जाती है। ऐसी ही अपने कमजोरियों से ऊपर उठते हुए अपने परिवार को साथ लेकर आगे […]
लाभदायक खेती के लिए आधुनिक यंत्रों का उपयोग समय की मांग
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को एक दिवसीय तकनीकी एवं यंत्र प्रदर्शन मेला का आयोजन किया गया। तकनीकी एवं यंत्र प्रदर्शन मेले में खेत की जोताई से लेकर फसलों की कटाई एवं गहाई तक में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों एवं उपकरणों की तकनीकी एवं कार्यपद्धति का जीवंत प्रदर्शन किया गया। इस मेले […]
गेंदा फूल की खेती : जलवायु, मिट्टी और सिंचाई…
फूलों का हार हो या सजावट की बात, गेंदा फूल ही बहुतायत में दिखाई देते हैं। और इसकी खेती भी किसानों को मुनाफा ही मुनाफा देती है। एक बीघा में एक हजार से डेढ़ हजार रुपये की लागत लगती है। जबकी पैदावार 3 क्विंटल तक लिया जा सकता है। बाज़ार में इसकी क़ीमत 70 से […]
