लॉकडॉउन : मनरेगा से 69 हजार ग्रामीणों को रोजगार

कोरोना महामारी संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए रायपुर सहित जिलों में लॉकडाउन लगाया गया है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजी-रोटी की समस्या नहीं हो इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जिला कलेक्टरों को कोरोना गाईड लाइन का पालन करते हुए मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। निर्देशानुसार बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से 69 हजार 521 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा हैं। जिला पंचायत के सीईओ ने बताया कि मई माह के प्रथम सप्ताह मे जिले मे कुल 69 हजार 521 श्रमिक कार्यरत हैं। इनमें जनपद पंचायत कसडोल में 20 हजार 505, बिलाईगढ़ में 18 हजार 166, सिमगा में 12 हजार 593, बलौदाबाजार में 6 हजार 943, भाटपारा में 5 हजार 926 एवं जनपद पंचायत पलारी में 5 हजार 388 श्रमिक कार्यरत हैं।

बलौदाबाजार -भाटापारा अवल्ल
लॉकडॉउन के दौरान मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पूरे राज्य में अवल्ल रहा हैं।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से 69,521 ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिल रहा हैं। जिससे निश्चित ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रहीं हैं। राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आज राज्य भर में मनरेगा से सम्बंधित मई माह के आंकड़े प्रकाशित किये हैं। जिसमें श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के  सँख्यात्मक दृष्टि से बलौदाबाजार -भाटापारा जिला राज्य में पहले स्थान पर बना हुआ हैं। क्रमश: दूसरे स्थान पर रायगढ़ एवं तीसरे स्थान पर राजनांदगांव जिला है। सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा के के साहू ने बताया कि कलेक्टर श्री जैन के निर्देश का पालन करते हुए पंजीकृत श्रमिकों को मांग के अधार पर रोजगार उपलब्ध कराये जा रहे हैं। जिसकी लगातार समीक्षा जिला पंचायत सीईओ के द्वारा की जा रही है।