जैविक खेती से लहलहाए खेत तो प्रशिक्षण में जुटी रानी…उप्र के किसानों को किया प्रशिक्षित….

ग्राम थानगांव विकासखंड कोतमा की रहने वाली रानी केवट जैविक कृषि एवं कम लागत कृषि तकनीकी से बिल्कुल भी परिचित नहीं थीं। वह परंपरागत रूप से देशी पद्धति से ही कृषि करती थीं, जिसके कारण उन्हें कोई विषेष लाभ प्राप्त नहीं होता था। वर्ष 2015 में रानी केवट को, राज्य ग्रामीण आजीविका मिषन, जिला पंचायत अनूपपुर अंतर्गत स्व सहायता समूह से जोडा़ गया। समूह से जुडऩे के बाद रानी को वर्ष 2016 में जैविक कृषि विषय में 5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदाय किया गया, जिसके बाद से रानी कृषि में निरंतर रूप से जैविक खाद का प्रयोग करने लगीं व श्री पद्धति से धान लगाने लगीं। पुरानी पद्धति से बहुत कम धान का उत्पादन होता था, परन्तु श्री पद्धति से दो से तीन गुना अधिक उत्पादन होने लगा, जिससे रानी व उसके पति ने अच्छी आय अर्जित की।

आज रानी केवट मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत कृषि सी.आर.पी. के रूप में कार्य कर रही हैं, जो कि समय-समय पर किसानों को विभिन्न विषयों जैविक खाद निर्माण व जैविक कीटनाषक निर्माण, आजीविका पोषण वाटिका, वर्मी पिट, नाडेप, अजोला पिट निर्माण के बारे में प्रशिक्षण प्रदान कर जैविक कृषि के बारे में जागरूक कर रही हैं।    
 रानी स्वयं भी अपने द्वारा बनाये गये जैविक उत्पादों का उपयोग अपने खेत में करती हैं। रानी को कृषि सीआरपी के रूप में उनके कार्य के लिए मानदेय भी मिशन द्वारा प्रदान किया जाता है, जो उनकी आय का अतिरिक्त स्त्रोत है। रानी केवट, कृषि सीआरपी के रूप में न सिर्फ अपने ग्राम और जिले में सेवाएं प्रदान कर रही हैं, बल्कि उन्होंने एक मास्टर सी.आर.पी. के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य में कम लागत कृषि तकनीकी व जैविक कृषि के बारे में किसानों एवं समूह सदस्यों को प्रशिक्षित किया है। उन्हें इस कार्य हेतु 62000 रू मानदेय भी प्राप्त हुआ है।

स्व सहायता समूह से जीवन में आये बदलाव
 वर्ष 2015 में राज्य ग्रामीण आजीविका मिषन, जिला पंचायत अंर्तगत स्व सहायता समूह से जुडऩे के बाद रानी ने समूह से तीन बार में सत्तर हजार रुपए का ऋण लेकर विभिन्न गतिविधियां जैसे- कृषि कार्य, सिलाई कार्य, ईंट निर्माण, चूड़ी कंगन निर्माण का कार्य किया। साथ ही वह कृषि सामुदायिक स्त्रोत व्यक्ति के रूप में भी कार्य कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। आज की स्थिति में रानी केवट विभिन्न गतिविधियां करते हुए 9500 से 10000 रू मासिक आमदनी अर्जित कर रही हैं। आज रानी की आर्थिक स्थिति  काफी बदल चुकी है, जिससे वह और उनका परिवार बहुत खुश है।