किसानों को सहकारी समितियों से मिलेगा ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण

चालू खरीफ सीजन में खेती की आवश्यक तैयारी के लिए कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा लगातार मानिटरिंग की जा रही है। प्रदेश के 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कृषि आदान सामग्रियों की समुचित मात्रा में भंडारण की व्यवस्था किया गया है। छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर द्वारा नवा रायपुर स्थित अपेक्स बैंक मुख्यालय में सहकारी समितियों में कृषि ऋण वितरण, उर्वरकों एवं वर्मी कम्पोस्ट के भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की गई।

चालू खरीफ फसल के लिए किसानों को सहकारी समितियों से ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। समितियों द्वारा प्रदेश के किसानों को अब तक 2 लाख 4 हजार 89 क्ंिवटल वर्मी कम्पोस्ट का वितरण किया गया है तथा एक लाख 84 हजार 961 क्ंिवटल वर्मी कम्पोस्ट का स्टाक उपलब्ध है। श्री चंद्राकर द्वारा किसानों से आग्रह किया है कि खेती में वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का अधिक से अधिक उपयोग करें। चालू खरीफ फसलों के लिए 5300 करोड़ के निर्धारित लक्ष्य के विरूद्व 9 जून तक 3 लाख 39 हजार 177 किसानों को 1277 करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित हो चुका है। डीएपी, एन.पी.के. एवं पोटाश जैसे खाद के बढ़ी हुई दर को अब कम कर दिया गया है। डीएपी खाद का दर 1200 रूपए प्रति बोरी, एनपीके की दर 1185 रूपए प्रति बोरी, एसएसपी (पावडर खाद का दर प्रति बोरी 340 रूपए विक्रय दर से किसानों को परमिट से विक्रय किया जाएगा। यह दर 01 अप्रैल 2021 से प्रभावशील है। सहकारी क्षेत्र के 12 लाख किसान खादों की घटी हुई विक्रय दर का लाभ ले सकेंगे। जिन किसानों ने परिमिट पर बढ़े हुए उर्वरकों के दर से खाद का उठाव कर लिया है, उन किसानों को घटे हुए दर के अंतर की राशि का समायोजन सहकारी समितियों के द्वारा कर लिया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि 9 जून की स्थिति में यूरिया का कुल भंडारण एक लाख 13 हजार 358 मीट्रिक टन एवं किसानों को 52 हजार 309 मीट्रिक टन वितरण, डीएपी का कुल भंडारण 83 हजार 190 मीट्रिक टन एवं किसानों को 38 हजार 842 मीट्रिक टन वितरण, इफको का कुल भंडारण 27 हजार 256 मीट्रिक टन और किसानों को 7 हजार 514 वितरण, पोटाश का कुल भंडारण 26 हजार 229 मीट्रिक टन एवं किसानों को 9 हजार 581 मीट्रिक टन एवं सुपरफास्फेट का कुल भंडारण 38 हजार 042 मीट्रिक टन एवं किसानों को 12 हजार 5 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। सहकारी समितियों के गोदामों में अभी सभी तरह के उर्वरकों का स्टाक एक लाख 67 हजार 824 मीट्रिक टन उपलब्ध है।