आम की खेती में नंबर वन है उत्तरप्रदेश…जानें कैसे होती है आम की खेती…

आम को फलों का राजा कहा जाता है। गर्मियां आते ही बाजार में इनकी दस्तक होने लगती है। वैसे तो हमारे देश के हर राज्य में आम की खेती की जाती है। फिर आम की खेती के लिए उत्तरप्रदेश नंबर वन है। कहा जाता है कि कि उत्तरप्रदेश में भारत के 85 प्रतिशत आम का उत्पादन होता है। यहां आम लगभग सभी मैदानी क्षेत्रों में उगाया जाता है। यूपी में हर साल लगभग 40-45 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर जिले आम फल पट्टी क्षेत्र हैं। जहां पर दशहरी, लंगड़ा, लखनऊ सफेदा, चैंसा, बाम्बे ग्रीन रतौल, फजरी, रामकेला, गौरजीत, सिन्दूरी आदि किस्मों का उत्पादन किया जा रहा है। मलिहाबाद फल पट्टी क्षेत्र के 26400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में दशहरी, लंगड़ा, लखनऊ सफेदा, चैंसा उत्पादित किया जा रहा है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं आम की खेती के बारे में…

जलवायु
आम की खेती उष्ण एवं समशीतोष्ण दोनों प्रकार की जलवायु में की जा सकती है।  आम की खेती लिए 23 से 27 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान उत्तम होता है। फल के फूल आने के समय शुष्क मौसम अच्छा होता है। फल लगने के पश्चात् हल्की वर्षा उपयोगी होती है।

मिट्टी
आम की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। यही कारण है कि इसे ज्यादातर क्षेत्रों में लगाया जाता है। फिर भी आम की सफल खेती के लिए दोमट, जलोढ़, उचित जल निकास वाली तथा गहरी भूमि, जिनका पी एच मान 5.5 से 7.5 के मध्य हो, उपयुक्त मानी जाती है। लेकिन याद रखें कम उपजाऊ भूमि में आरम्भ से ही खाद और उर्वरक की उचित व्यवस्था करके ही आम का पौधा लगाना चाहिए। वहीं बलुई, ढालू, पथरीली, क्षारीय तथा पानी भराव वाली भूमि अनुकूल नहीं होती है।

किस्में
अलग-अलग राज्यों में आम की अलग-अलग किस्मों की खेती की जाती है। इसकी प्रमुख किस्में में दशहरी, बाम्बे ग्रीन, गौरजीत, लंगड़ा, फजरी, सफेदा लखनऊ, समरबहिश्त चौसा और रतौल आदि प्रमुख है, जिसकी खेती उप्र में की जाती है। वहीं हरियाणा में सरोली (बाम्बे ग्रीन), दशहरी, लंगड़ा और आम्रपाली आदि प्रमुख है।